Wednesday, 9 January 2019

कुछ यादें  स्व: श्याम सुन्दर नंदा नूर साहेब की ---
















Tuesday, 8 January 2019

8 जनवरी ,प्रगति मैदान ,नई दिल्ली ,आज विश्व पुस्तक मेले में जाना हुआ साथ में बड़े भाई जगदीश मीणा जी भी रहे ।आज का दिन बहुत ही आनंद भरा रहा ,कई प्रकाशकों द्वारा प्रकाशित पुस्तकों को देखने,पढ़ने और और उनसे मिलने का सुअवसर प्राप्त हुआ , अपने कई साहित्यिक मित्रों से भेंट होने के साथ नागरी लिपि परिषद् द्वारा आयोजित काव्य गोष्ठी में काव्य पाठ करने का भी सुअवसर प्राप्त हुआ ,फिर अचानक से इकबाल अशर साहब से भी मिलना हुआ और उनसे साहित्यिक चर्चा भी हुई ।कुल मिलाकर आज का दिन बेहद सफल हुआ ।
संजय कुमार गिरि 










Friday, 4 January 2019

मशहूर कवि एवं साहित्यकार त्रिभवन कौल का निधन, साहित्य जगत में शोक की लहर
जाने-माने साहित्यकार एवं युवा उत्कर्ष साहित्यिक मंच के कार्यकारी अध्यक्ष त्रिभवन कौल का निधन मुम्बई के जुपिटर हॉस्पिटल में हो गया। त्रिभवन कौल को 12 दिसम्बर से मुम्बई के जुपिटर हॉस्पिटल में फेफड़ों में इन्फेक्शन की वजह से दाखिल कराया था । उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी। दो अधिकारियों की निगरानी में डाक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही थी। मंगलवार सुबह को उन्होंने अंतिम सांस ली और वे आज इस नाशवान संसार से हम सब को रोता बिलखता छोड़कर कैलाशवासी हो गए। आज ही उनका जन्मदिन भी था। त्रिभुवन कौल भारत के एक कुशल और प्रकाशित द्विभाषी लेखक-कवि थे । वो एक हिंदी,अंग्रेज़ी और कश्मीरी भाषा के उत्कृष्ट साहित्यकार थे।अब तक उन्होंने पांच किताबें (कविता और लघु-कथाएँ) लिखी हैं, जिनमें से तीन हिंदी में और दो अंग्रेजी में हैं। उनकी कविताओं को प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक पत्रिकाओं के अलावा 37 भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय एंथोलॉजी के रूप में चुना और प्रकाशित किया गया है। उनकी कविताओं की संख्या का फ्रेंच में अनुवाद भी किया गया है। उन्होंने कई विषयों पर कविताएँ लिखी है जो उनके पाठकों को प्रकृति, प्रेम और करुणा और आध्यात्मिकता के करीब लाती हैं। वह समकालीन विषयों पर लघु-कथाएँ और कविताएँ लिखते थे जिसके बारे में वे बहुत दृढ़ता से महसूस करते थे । उनके निधन की सूचना उनकी बेटी ने मुम्बई से श्री राम किशोर उपाध्याय को फोन पर दी ! उनके इस तरह इस दुनिया से चले जाने से साहित्य जगत में सभी शौक ग्रस्त हैं और सभी ने अपनी अश्रुपूर्ण विनम्र श्रद्धांजलि दी !
संजय कुमार गिरि


भारतीय साहित्यिक विकास मंच काव्य संध्या की खबरें अख़बार की सुर्ख़ियों में ---




Sunday, 30 December 2018

भारतीय साहित्यिक विकास मंच द्वारा काव्य संध्या का आयोजन
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संजय कुमार गिरि
नई दिल्ली , 29 दिसंबर, 2018 को हिंदी भवन, दिल्ली में भारतीय साहित्यिक विकास मंच द्वारा आयोजित ख़ूबसूरत काव्य संध्या का आयोजन जनाब सीमाब सुल्तानपुरी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ, काव्य संध्या में मुख्य अतिथि रहे प्रमोद शर्मा 'असर' और विशिष्ट अतिथि के रूप में आचार्य मायाराम पतंग ,साहित्यकार रामकिशोर उपाध्याय ,शायर तरुणा मिश्रा एवं राम अवतार बैरवा का सानिध्य मिला। सभी गणमान्य अतिथियों द्वारा माँ शारदे की प्रतिमा के समुख दीप प्रज्ज्वलित एवं पुष्प अर्पित करने के उपरांत कवियत्री माधुरी स्वर्णकार ने अपनी मधुर वाणी से सरस्वती वंदना की ..! कार्यक्रम की शुरुआत मच के अध्यक्ष श्री गुरचरन मेहता 'रजत' , उपाध्यक्ष फ़ैज़ बदायुनी साहब, महासचिव ममता लड़ीवाल, कोषाध्यक्ष माधुरी स्वर्णकार , संयुक्त सचिव जगदीश मीणा और मीडिया प्रभारी संजय गिरि ..द्वारा अतिथियों के स्वागत एवं सम्मान से हुई .
लगभग चार घण्टे चली इस काव्य गोष्ठी में कवियों द्वारा बहुत ही उम्दा गज़लें एवं कविताओं का मधुर पाठ हुआ। जनाब सीमाब सुल्तानपुरी साहेब की ग़ज़लों ने गोष्ठी को शिखर पर पहुंचाया । युवा कवि एवं साहित्यकार मनोज कामदेव ने बहुत शानदार दोहा पाठ किया !
मनोज कामदेव ,सूक्ष्मलता महाजन , ए एस अली खान , राजेन्द्र महाजन , मनीष मधुकर , अनिमेष शर्मा, मनोज बेताब , यशपाल सिंह 'कपूर', तीरथराज यादव , अंजुम ज़ाफ़री का भी सम्मान मंच द्वारा पटका एवं पुष्पमाला पहना कर किया गया। साथ ही माधुरी जी के काव्य संग्रह 'उद्गम से संगम तक' का विमोचन भी कार्यक्रम में हुआ...! इसके अतिरिक्त 'एक्शन इंडिया' पत्रिका का विमोचन भी हुआ। इस सुअवसर पर चित्रकार एवं कवि संजय कुमार गिरि ने गुरचरन मेहता जी का ख़ूबसूरत स्केच बना कर उन्हें भेंट किया।
दिल्ली और दिल्ली के आसपास से आय लगभग 35 कवि एवं कवियत्रियों ने अपना बेहद शानदार काव्य पाठ किया जिनमें प्रमुख थे
भूपेंद्र राघव सुमित अग्रवाल , गोपाल गुप्ता , सोनू शर्मा 'भानू' , बबली वशिष्ठ , रोहिताश्व मिश्र अनहद 'गुँजन' अग्रवाल , चेतना कपूर , सुंदर सिंह, राम लोचन , अख़्तर गोरखपुरी , आशीष सिन्हा 'क़ासिद' , डॉ मोहम्मद शाहिद , वसुधा कनुप्रिया ,संजीव सक्सेना , सुशील शैली , उदय प्रताप द्विवेदी , भूपिंदर कौर , सलीम सुहानवी ने...सभी सम्मानित अतिथियों ने भी काव्य पाठ से कार्यक्रम में चार चांद लगाए। राघव की सुपुत्री काव्या राघव ने भी अपनी मनमोहक प्रस्तुति से सभी का दिल जीत लिया। जितेंद्र प्रीतम जी, दीपक भारतवासी , जावेद अब्बासी , विनीता मेहता , रंजना , सरोज सिंह , पवन कुमार तोमर सहित कई रचनाकारों ने कार्यक्रम में शिरकत कर के हमें प्रोत्साहित किया।
संस्था के अध्यक्ष श्री गुरचरन मेहता 'रजत' जी, उपाध्यक्ष फ़ैज़ बदायुनी साहब, महासचिव ममता लड़ीवाल, कोषाध्यक्ष माधुरी स्वर्णकार जी, संयुक्त सचिव जगदीश मीणा जी, मीडिया प्रभारी संजय गिरि ..सभी ने अपनी अपनी भूमिका अच्छे से निभाई और कार्यक्रम को व्यवस्थित बनाए रखा। जिसकी सभी आगंतुक रचनाकारों ने सराहना की। संस्था के संरक्षक श्री विजय स्वर्णकार जी ने शहर से बाहर होने की वज़ह से अपनी शुभकामनाएं वहीं से प्रेषित की।
कार्यक्रम का शानदार मंच संचालन कवियत्री ममता लड़ीवाल ने..बहुत ख़ूबसूरती के साथ किया जिनका साथ दिया गुरचरन मेहता 'रजत' ने.!











नवांकुर साहित्य सभा द्वारा ने अपना छठा वार्षिकोत्सव एवं सम्मान-समारोह,
संजय कुमार गिरि ,नयी दिल्ली नवांकुर साहित्य सभा द्वारा ने अपना छठा वार्षिकोत्सव एवं सम्मान-समारोह, 29 दिसम्बर 2018 को,चाँदनी चौक, दिल्ली स्थित, दिल्ली पब्लिक लाईब्रेरी के अमीर खुसरो सभागार में आयोजित किया । समारोह की अध्यक्षता वरिष्ठ-कवि एवं आकाशवाणी के पूर्व उपमहानिदेशक डाॅ. लक्ष्मीशंकर वाजपेयी ने की ।सर्वश्री- महेशचन्द शर्मा, डाॅ. लोकेश शर्मा, डाॅ. हरिसिंह पाल ,दोहाकार नरेश शांडिल्य, शशिकान्त एवं समोद सिंह चरौरा जी का विशिष्ट सान्निध्य इस आयोजन को प्राप्त हुआ । सभी गणमान्य अतिथियों द्वारा माँ शारदे की प्रतिमा के समुख दीप प्रज्ज्वलित एवं पुष्प अर्पित करने के उपरांत संस्थाध्यक्ष अशोक कश्यप द्वारा सुमधुर स्वर में की गई सरस्वती-वन्दना के साथ ये कार्यक्रम आरम्भ हुआ ।
डाॅ. चन्द्रमणि ब्रह्मदत्त और श्रीमति सरोज शर्मा को वरिष्ठ साहित्यकार सम्मान तथा सुश्री कल्पना शुक्ला व ओमप्रकाश शुक्ल को साहित्यकार-सम्मान प्रदान किया गया ।इस सुअवसर पर चित्रकार संजय कुमार गिरि ने संस्था के अध्यक्ष अशोक कश्यप एवं साहित्यकार प्रेम बिहारी मिश्र का सुन्दर पेन्सिल स्केच भेंट किया !
सर्वश्री जगदीश भारद्वाज, प्रेमबिहारी मिश्रा, ओमप्रकाश प्रजापति, मनीष मधुकर, रामश्याम हसीन, जगदीश मीणा, ओम सपरा, विनयशील चतुर्वेदी, घमण्डीलाल अग्रवाल, कृष्णा जैमिनी, सुरेशपाल वर्मा जसाला,
कमलेश कौशिक, संध्या प्रहलाद को साहित्य सेवा सम्मान 18 से सम्मानित किया गया !
दिल्ली एन सी आर से आये शताधिक रचनाकारों ने अपना शानदार काव्य पाठ किया, और इस कार्यक्रम की सफलता का द्योतक बनी । व्यवस्था-प्रबन्धन में सर्वश्री के. शंकर सौम्य, इमरान अंसारी कंचन, सरिता जैन, रीटा जयहिन्द तथा संजय गिरि की महत्त्वपूर्ण भूमिका रही ।कार्यक्रम का कुशल संचालन युवा कवि एवं पत्रकार जितेन्द्र प्रीतम ने अपने लाजबाब अंदाज़ में किया !








Thursday, 27 December 2018

आप सभी मित्र सादर आमंत्रित हैं  --

विकट परथति में डॉक्टरों पर जानलेवा हमले क्यों   लेखक संजय कुमार गिरि देश में इस विकट समस्या से आज हर नागरिक जूझ रहा है और न चाहते हुए भ...